डॉक्टर्स क्यों देते हैं बकरी का दूध पीने की परामर्श, जानिए इसके बेमिसाल फायदे

 
बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों में डेंगू ,मलेरिया ऐसी बीमारियां है। जिसका समय पर इलाज  नहीं किया जाए तो यह जान पर भी भारी पड़ सकता है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि, जब भी डेंगू का प्रभाव बढ़ता है तो बकरी का दूध बहुत ही ज्यादा महंगा हो जाता है। दरअसल कहा जाता है कि बकरी का दूध डेंगू के इलाज में फायदेमंद होता है और इससे डेंगू को खत्म करने में बहुत हद तक मदद मिल सकती है। ऐसे में आइए जानिए कि आखिर बकरी के दूध में ऐसा क्या होता है, जिसकी प्रयोग से डेंगू के रोकथाम में मदद मिलती है ?

गौरतलब है कि, डेंगू में बुखार के साथ शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या काफी कम हो जाती है, जिससे डेंगू से रिकवर होने में काफी वक्त लग जाता है। हालांकि इस दौरान बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाता है और चमत्कारिक रुप से काम करता है। प्लेटलेट्स कम होने पर कई बार मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाई भी जाती है, ऐसे में बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में काफी मदद करता है।

रिसर्च के मुताबिक,बकरी के दूध में एक विशेष तरह का प्रोटीन पाया जाता है। ये ही वो प्रोटीन है जो डेंगू के मरीज में प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाता है। चिकनगुनिया में भी ये ही प्रोटीन काम करता है। ऐसे में डेंगू के इलाज में बकरी के दूध का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार,  बकरी के दूध में मौजूद प्रोटीन गाय, भैंस की तरह जटिल नहीं होता। इसी वजह से इसे पचाना ज्यादा मुश्किल नहीं होता और यह आसानी से पच भी जाता है। साथ ही यह रक्त कणिकाओं की संख्या में बढ़ाने का काम भी करता है।

डेंगू के मरीजों के लिए बकरी का दूध बेहद फायदेमंद होता है। इसमें मैग्नीशियम और कैल्शियम  भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो शरीर में प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह डेंगू के कारण होने वाली अन्य समस्याओं को कम करने में भी मदद करता है। इसलिए डेंगू के मरीजों को बकरी का दूध पीना चाहिए।

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