अगले महीने बदल जाएंगे ऑनलाइन ट्रांसफर से जुड़े नियम, आप भी रखें ये जानकारी

 
समय की जरूरत के हिसाब से नियमों में परिवर्तन देखने को मिलते हैं। बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर भी इससे अछूते नहीं हैं। अब बैंकिंग सेक्टर का जिक्र आते ही फंड ट्रांसफर की बात का सामने आना लाजमी है। हाल के वर्ष और खासकर पिछले कुछ महीनों में देश में पैसे को ऑनलाइन ट्रांसफर करने का चलन बढ़ा है। इसी कड़ी में RTGS की बात करते हैं। आप इस बात से अवगत होंगे कि दो लाख रुपये से अधिक की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए लोग इस माध्यम का इस्तेमाल करते हैं। आरटीजीएस से जुड़े नियमों में दिसंबर की शुरुआत से बड़ा परिवर्तन होने वाला है।  

एक दिसंबर से रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट की सुविधा सप्ताह के सातों दिन और साल के सभी दिन उपलब्ध रहेगा। इससे पहले महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर सभी कामकाजी दिनों में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक इस सिस्टम के जरिए पैसे का हस्तांतरण किया जा सकता था। यह छोटे एवं बड़े कारोबारियों के लिए काफी राहत भरा फैसला है, जिन्हें अब बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक के कामकाजी दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पिछले साल ही NEFT की सुविधा भी 24 घंटे मिलनी शुरू हुई थी।  


भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछले महीने मौद्रिक नीति समिति की द्विमासिक बैठक के बाद यह जानकारी दी थी कि इस साल दिसंबर से रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट की सुविधा 24x7 उपलब्ध रहेगी।  

उन्होंने कहा था, ''दिसंबर, 2019 में आरबीआई ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) की सुविधा को 24x7x365 पर उपलब्ध कराया था और यह प्रणाली सुचारू तरीके से काम कर रही है। घरेलू कारोबारियों एवं संस्थाओं को रियल टाइम में भुगतान की सुचारु व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए आरटीजीएस सिस्टम को सभी दिन उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है।'' 


दास ने कहा था कि RTGS को 24x7x365 के आधार पर लागू करने के बाद ऐसा करने वाला दुनिया के बेहद चुनिंदा देशों में शुमार हो जाएगा, जहां किसी भी समय बड़ी रकम भेजी जा सकती है। इससे बड़े भुगतान के लिए उपयुक्त इको सिस्टम तैयार करने और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।  

आरटीजीएस सिस्टम के तहत पैसे ट्रांसफर करने पर बेनिफिशियरी के बैंक की शाखा को रियल टाइम में पैसे प्राप्त होते हैं। इसके बाद बैंक को दो घंटे के भीतर बेनिफिशियरी के अकाउंट में पैसे क्रेडिट करने होते हैं। 
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