दोपहिया वाहनों से होने वाले जानलेवा एक्सीडेंट को कम करने के लिए सरकार ने उठाया अहम कदम


सड़क सुरक्षा की दिशा में अहम कदम उठाते हुए सरकार ने देश में हेलमेट के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) सर्टिफिकेट अनिवार्य करने की प्रक्रिया शुरू की है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि दोपहिया वाहनों से होने वाले जानलेवा एक्सीडेंट को कम करने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होते ही देश में केवल बीआइएस सटिफाइड हेलमेट ही बनाए और बेचे जा सकेंगे।


दोपहिया वाहनों के मामले में अक्सर हेलमेट नहीं लगाने या खराब गुणवत्ता वाले हेलमेट के कारण दुर्घटनाएं जानलेवा साबित होती हैं। मंत्रालय ने कहा, 'सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से देश में दोपहिया वाहन चालकों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो कानून, 2016 के तहत सर्टिफिकेट प्राप्त हेलमेट अनिवार्य करने का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे दोपहिया वाहनों के लिए बनाए जाने वाले हेलमेट की गुणवत्ता निखरेगी।'


मंत्रालय का मनना है कि इस कदम से सड़क सुरक्षा की स्थिति मजबूत होगी। ऐसे हेलमेट अनिवार्य होने से दोपहिया वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं के जानलेवा होने का खतरा कम होगा। मंत्रालय ने इस संबंध में सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। इसके लिए महीनेभर के भीतर मंत्रालय के संयुक्त सचिव को सुझाव भेजे जा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि एक बार प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद देशभर में दोपहिया वाहन चालकों के लिए बीआइएस हेलमेट की ही बिक्री होगी।


केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2018 के दौरान देश में सड़क दुर्घटनाओं में 0.46 फीसद की बढ़ोतरी हुई। साल 2017 में 4,64,910 के मुकाबले 4,67,044 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इस अवधि के दौरान मृत्यु दर में भी लगभग 2.37 फीसद की बढ़ोतरी हुई। आंकड़े बताते हैं कि साल 2017 में 1,47,913 के मुकाबले 2018 में 151471 लोग सड़क हादसों में मारे गए थे। हालांकि सड़क हादसों में घायलों की संख्‍या में 2017 की तुलना में 2018 में 0.33 फीसद की कमी देखी गई। 
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