अयोध्या भूमि विवाद फैसले के बाद लाल कृष्ण आडवाणी ने याद दिलाया अपना वो बयान


नई दिल्ली, भाजपा के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने शनिवार को कहा कि अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने उनके रुख को सही साबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह समय सभी विवादों और कड़वाहट भूल कर सांप्रदायिक सौहाद्र्र और शांति को गले लगाने का है। उल्लेखनीय है कि राम मंदिर आंदोलन को राजनीति के केंद्र में लाने का श्रेय आडवाणी को ही जाता है।

पूर्व उपप्रधानमंत्री आडवाणी ने एक बयान में कहा कि यह संतोषदायक है कि करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया गया है।

उन्होंने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा अयोध्या मामले में आज दिए गए ऐतिहासिक फैसले का अपने देशवासियों के साथ तह-ए-दिल से स्वागत करता हूं। मैं सही साबित हुआ हूं, और बहुत खुशी महसूस कर रहा हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने सर्वसम्मत फैसले से अयोध्या में रामजन्मभूमि पर भगवान राम का एक शानदार मंदिर बनाने का रास्ता साफ कर दिया है।"

आडवाणी एक समय एक कट्टरपंथी हिंदू चेहरा माने जाते थे और उन्होंने दो दशक पहले मंदिर मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए रथयात्रा निकाली थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक लंबी और विवादास्पद प्रक्रिया का समापन है, जो पिछले कई दशकों से विभिन्न मंचों पर अटका रहा, न्यायिक और गैर-न्यायिक दोनों तरह के मंचों पर।

आडवाणी ने कहा कि वह राम जन्मभूमि आंदोलन में अपना योगदान देने का मौका पाकर आभारी हैं।

उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि राम और रामायण का भारत की संस्कृति और सभ्यतागत विरासत में एक महत्वपूर्ण स्थान है और रामजन्मभूमि भारत और विदेशों में हमारे करोड़ों देशवासियों के दिलों में एक विशेष और पवित्र स्थान रखता है। इसलिए यह संतुष्टिदायक है कि उनकी आस्था और भावना का सम्मान किया गया है।"
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