लाल किले की सुरक्षा के लिए पहली बार किया गया इस तकनीक का उपयोग


जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के तहत ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने के फैसले और पाकिस्तान के साथ तनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में बहुस्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। इसके तहत स्वाट कमांडो और एनएसजी स्नाइपर्स की भी तैनाती की गई है। सेना, अर्द्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस के 20 हजार जवानों को तैनात किया गया है।

ऐतिहासिक लालकिले के आसपास संदिग्धों की पहचान करने के लिए, पुलिस चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक वाले कैमरों का पहली बार उपयोग कर रही है। आसमान को सुरक्षित करने के लिए ‘एंटी-ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम’ तैनात किया गया है।

कार्यक्रम स्थल के चारों ओर लगभग 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जहां प्रधानमंत्री को सुनने के लिए मंत्री, नौकरशाह, विदेशी गणमान्य व्यक्ति और आम लोग इकट्ठा होंगे। लाल किले की ओर जाने वाली सड़कों की निगरानी की जा रही हैं और पुलिसकर्मी दिल्ली के उत्तर और मध्य जिलों में वाहनों की जांच के लिए प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की मदद ले रहे हैं।

पुलिस उपायुक्त (उत्तर) नुपुर प्रसाद ने कहा, ‘‘लाल किले आने वाले सभी लोगों की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए है।’’ प्रसाद ने बताया कि विशेष नियंत्रण कक्षों से निगरानी की जायेगी और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगे।
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