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आज अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्‍यतिथि : जानें, अहम फैसले और राजनीतिक कदम


पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज पहली पुण्यतिथि है। आज से ठीक एक साल पहले 16 अगस्त को वो दुनिया से चले गए लेकिन उनकी मौजूदगी आज भी इस देश का जर्रा जर्रा महसूस कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अटल जी की पुण्यतिथि पर आज 'सदैव अटल' पर प्रार्थना सभा में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।


- भाजपा में उदार छवि के नेता समझे जाने वाले वाजपेयी सबसे पहले 1996 में प्रधानमंत्री बने। हालांकि उनकी सरकार महज 13 दिन तक चली।

- इसके बाद वह 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने लेकिन उनकी वह सरकार 13 महीनों तक ही चली।

- आखिरकार 1999 में राजग एक बार फिर सत्तासीन हुई और वाजपेयी ने अपना कार्यकाल पूरा किया।

- अविवाहित रहे वाजपेयी 1957 में पहली बार उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से लोकसभा के लिए चुने गए।

- संसद में उनके पहले भाषण से उनके साथियों और सहयोगियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने एक विदेशी अतिथि से वाजपेयी का परिचय कुछ इस प्रकार कराया था-‘‘एक दिन यह युवक देश का प्रधानमंत्री बनेगा।’’

- वह 47 साल तक सांसद रहे। वह दस बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे।

- मई 1998 में भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। ये 1974 के बाद भारत का पहला परमाणु परीक्षण था। अटल बिहारी वाजपेयी ने परीक्षण ये दिखाने के लिए किया था कि भारत परमाणु संपन्न देश है।

- प्रधानमंत्री के तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्तों को सुधारने की दिशा में तेजी से काम किया। उन्होंने फरवरी, 1999 में दिल्ली-लाहौर बस सेवा शुरू की थी।

- अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में सड़कों के माध्‍यम से देश को एक सूत्र में बांधने का ऐतिहासिक कदम उठाया था, जिसका लाभ आज सबको मिल रहा है।

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